संयुक्त राष्ट्र ने ग़ज़्ज़ा जनसंहार को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि ऐसे क़त्ले आम की मिसाल इतिहास में भी नहीं मिलती। फिलिस्तीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र ने ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनी बलों द्वारा निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों के नरसंहार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि टू वेन्सलेड ने कहा है कि ग़ज़्ज़ा में अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को युद्ध के मैदान में नहीं बदला जाना चाहिए। इन स्थानों को संरक्षित करने की जरूरत है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ग़ज़्ज़ा में निर्दोष नागरिकों का नरसंहार इतिहास में अभूतपूर्व है। हम महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों के नरसंहार की कड़ी निंदा करते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तरी ग़ज़्ज़ा अकाल और भोजन की कमी का सामना कर रहा है। फ़िलिस्तीनी पीड़ितों को सहायता वितरित करते समय ज़ायोनी सेना ने 26 बार हमले किए और मदद के लिए खड़े बच्चों महिलाओं और आम लोगों को निशाना बनाया।